कासगंज डिपो में एक फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। डिपो में तैनात वरिष्ठ लिपिक के पद पर उनका बेटा नौकरी कर रहा है। इतना ही नहीं, पिता के फर्जी हस्ताक्षर करके वह तीन साल से हर माह वेतन भी उठा रहा है। मामले की जांच आरएम अलीगढ़ ने कराई। जांच अधिकारी प्रवीण कुमार ने पूरे मामले की परत खोल दी, जिसमें उन्होंने डिपो के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत का भी इस प्रकरण में उल्लेख किया है।
कासगंज डिपो राजपाल सिंह वरिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात हैं। तीन साल से वह ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। उनके स्थान पर उनका बेटा बॉबी आता है। यह प्रसंग तीन साल से चल रहा है। अवैध रूप से वह आकर अपने पिता के स्थान पर काम करता है। हर रोज हाजिरी रजिस्टर में पिता राजपाल सिंह के फर्जी हस्ताक्षर करता है। 50 हजार रुपये माह की राजपाल सिंह की तनख्वाह, जिसे जालसाजी कर पिता-पुत्र द्वारा लिया जा रहा है। इस मामले की शिकायत आरएम परवेज खान से हुई तो उन्होंने जांच कराई। जांच के लिए निरीक्षणकर्ता प्रवीण कुमार 11 जून को अलीगढ़ से कासगंज पहुंचे। उन्होंने मौके पर जांच की तो आरोप सही पाए गए। आरोपी बॉबी को मौके पर ही मार्ग पत्र जैसा महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी करने का काम करते हुए पाया गया। मार्ग पत्र को कंडक्टर और चालक बस में यात्रा करने वाले यात्रियों का विवरण भरते हैं। इसके बाद उन्होंने डिपो के अन्य कर्मचारियों से गुपचुप बयान लिए, जिसमें सभी ने इस घालमेल की बात को स्वीकार किया। यह सारा खेल डिपो के उच्चाधिकारियों की नाक के नीचे होता पाया गया, जांच रिपोर्ट में उन्होंने सभी पर कार्रवाई की संस्तुति की है।
| Source: अमर उजाला |
News source: हिन्दुस्तान